कमिश्नर दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय का किया निरीक्षण, ई-मानचित्र प्रणाली में तेजी लाने के निर्देश..

रूद्रपुर- कुमाऊं कमिश्नर, अध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों और विकास कार्यों की समीक्षा की।
कमिश्नर रावत ने प्राधिकरण में दर्ज विभिन्न वादों की स्थिति जांची व जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत निनियमित क्षेत्र से सम्बन्धित पत्रावलियों का आवलोकन किया व अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनो व पुराने वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।
वहीं भवन मानचित्रों की स्वीकृति प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उन्होंने ई-मानचित्र प्रणाली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ही मानचित्रों पर निर्णय लिया जाए। प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और राजस्व वसूली का संज्ञान लेते हुए उन्होंने वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिये। प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न सिविल कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस दौरान मण्डलायुक्त ने वर्तमान में चल रहे, प्रस्तावित और पूर्ण हो चुके कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता की समीक्षा की।
इसके बाद कमिश्नर रावत ने कलेक्ट्रेट परिसर में 17.71 करोड़ की धनराशि से निर्माणाधीन जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन का निरीक्षण। उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने व कार्यालय भवन का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिये।
इसके उन्होने एनएच- 87 डीडी चौक से त्रिशूल चौक तक सड़क चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होने संबंधित कार्यदायी संस्था को कार्य में गति लाने व यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ जन-शिकायतों का प्राथमिकता पर निवारण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकारण जय किशन, सचिव पंकज उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक क्राइम जितेन्द्र चौधरी, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह, अभय प्रताप सिंह, गौरव पाण्डेय, रविन्द्र जुआठा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि अनिल पांगती, अधिशासी अभियंता गजेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता प्राधिकरण नरेन्द्र नवानी, जल संस्थान तरूण शर्मा आदि मौजूद थे।






