

आपने ब्लैकमेलिंग के कई मामले सुने होंगे। इनसे जुड़ी खबरें पड़ी होंगी। लेकिन इस बीच बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिसे जानकर आप भी अपने दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो जाएंगे। क्योंकि ब्लैकमेलिंग का ये केस एकदम अनोखा है।
दरअसल बेंगलुरु के एक स्कूल प्रिंसिपल ने ऐसी हरकत की है। प्रिंसिपल के द्वारा एक छात्रा के पिता से अवैध संबंध बनाकर उसका प्राइवेट वीडियो वायरल कर दिया। और इसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग करने लगी। जिसके बाद पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी महिला प्रिंसिपल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
यह हैरान करने वाला मामला कर्नाटक के पश्चिमी बेंगलुरु का है। यहां एक स्कूल की लेडी प्रिंसिपल ने पहले तो एक छात्रा के पिता के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाई। फिर उसका प्राइवेट वीडियो बना कर ब्लैकमेल करना और रुपए ऐंठना शुरू कर दिया।
क्राइम ब्रांच बेंगलुरु के मुताबिक पश्चिम बेंगलुरु के कलसीपल्या के एक स्कूल की प्रिंसिपल श्रीदेवी रुदागी से 2023 में छात्रा के पिता की मुलाकात हुई। ये शख्स अपनी 5 साल की बच्ची का प्री-नर्सरी में एडमिशन कराना चाहता था। इसके बाद उनके बीच संबंध मजबूत हो गए। व्यापारी पिता ने आरोपी प्रिंसिपल रुदागी से बातचीत करने के लिए एक अलग सिम कार्ड और फोन खरीदा तथा व्हाट्सएप के जरिए संदेश और वीडियो कॉल करने लगे। इस दौरान दोनों का अफेयर चल गया।
पुलिस के अनुसार कभी-कभी दोनों व्यक्तिगत रूप से मिलते थे। इस दौरान महिला ने उससे 4 लाख रुपये ऐंठ लिए। जनवरी में महिला ने कथित तौर पर 15 लाख रुपये और मांगे, और साथ रहने के लिए कहा। महिला व्यापारी के घर भी गई जब उसका परिवार बाहर गया था। उस समय प्रिंसिपल ने 50,000 रुपये उधार मांग लिए।
पुलिस जांच से पता चला कि प्रिंसिपल ने मल्लेश्वरम उप-मंडल के एक पूर्व सहायक पुलिस कमिश्नर के साथ अपने संबंधों के बारे में झूठे दावे करके व्यापारी बच्ची पिता को डराया-धमकाया भी था। पुलिस ने बताया कि मार्च की शुरुआत में दोनों के बीच संबंध खराब हो गए, जब आर्थिक संकट से जूझ रहे व्यापारी ने अपनी बेटी का टीसी प्रमाण पत्र मांगा था। व्यापारी अपने परिवार को गुजरात में शिफ्ट करने की योजना बना रहा था।
पुलिस के मुताबिक इसी दौरान प्रिंसिपल के ऑफिस में एक दिन व्यापारी पिता का सामना आरोपी काले और सागर से हुआ, जिन्होंने प्रिंसिपल के साथ उसके कथित निजी वीडियो और फोटो को गुप्त रखने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की। अपनी प्रतिष्ठा के लिए व्यापारी पिता ने 15 लाख रुपये देने के लिए बात मान ली। शुरुआत में 1.9 लाख रुपये दे दिए। हालांकि, काले और सागर ने बाकी रुपए के लिए उस पर दबाव बनाना जारी रखा।
जांच में सामने आया कि प्रिंसिपल ने 17 मार्च को व्यापारी को फोन किया और बकाया रुपए देने पर धमकाया। आरोपी ने कथित तौर पर उसे बताया कि पूर्व एसीपी को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि सागर और काले को एक – एक लाख रुपये मिलेंगे। उसने दावा किया कि शेष 8 लाख रुपये प्राइवेट वीडियो को हटाने के बदले में प्रिंसिपल के होंगे।
जिसके बाद धमकियों से परेशान होकर पीड़ित व्यापारी ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी प्रिंसिपल श्रीदेवी रुदागी (25) और 38 वर्षीय गणेश काले और 28 वर्षीय सागर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।