सातवें दिन भी टनल में फसे मजदूरों को रेस्क्यू नहीं कर पाई है सरकार


सिलक्यारा टनल के मामले में सातवें दिन भी कोई बड़ी राहत की खबर सामने नहीं आई है। अभी तक टनल में फसे 40 मजदूरों के नजदीक नहीं पहुंचा जा सका है। हालांकि इनके सुरक्षित होने की जानकारी मिल रही है। लेकिन इन मजदूरों को अभी तक टनल से बाहर नहीं निकला जा सका है। 7 दिन से लगातार केंद्र और राज्य सरकार की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। लेकिन अभी तक एक भी मजदूर को टनल से बाहर नहीं निकला जा सका है। इस बीच टनल की सफाई कर रही मशीनों में कुछ खराबी भी आई है।

वहीं आज भी सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पीएमओ के मार्गदर्शन में राज्य सरकार टनल में फंसे सभी मजदूरों को सकुशल निकालने के प्रयास में जुटी है। टनल में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए देश और दुनिया की आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है। उम्मीद हैं कि जल्द इसमें सफलता मिल जायेगी। सीएम धामी सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों के रेस्क्यू पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सीएम ने आज शासकीय आवास पर अधिकारियों के साथ श्रमिकों के बचाव के लिए चल रहे रेस्क्यू कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही बाधाओं से निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठाये जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी लगातार बचाव अभियान का अपडेट लिया जा रहा है। ऐसे में ग्राउंड जीरो पर जो भी रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है, अधिकारी एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर समय पर अंजाम तक पहुंचाएं। रेस्क्यू कार्य के लिए जिन संसाधनों की जरूरत हैं, उनको तत्काल एजेंसियों को मुहैया करा कर तेजी से कार्य कराएं। सरकार की प्राथमिकता में श्रमिकों को सुरक्षित और समय पर बाहर निकालना है।

मजदूरों के परिजनों के साथ खड़ी है सरकार
सीएम धामी ने कहा कि मुसीबत में फंसे श्रमिकों के परिजनों के साथ सरकार खड़ी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह सभी परिजनों को रेस्क्यू की हर पल की जानकारी देते रहें। इसके अलावा सिलक्यारा पहुंचे परिजनों के लिए भी सहायता केंद्र खोलने और उनके रहने-खाने की जरूरत के हिसाब से मदद की जाए। उन्होंने कहा कि विपदा की इस घड़ी में परिजनों को धैर्य बनाये रखने की जरूरत है। सरकार हर से समय उनके साथ खड़ी है।
सीएम धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग आपदा से निपटने के लिए देश और दुनिया में चले पुराने सुरंग रेस्क्यू के अनुभवों के आधार पर कार्य किया जा रहे हैं। इसके लिए अधिकारी पड़ोसी राज्य हिमचाल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत दुनिया के कई देशों में सुरंग निर्माण और आपदा के बाद हुए रेस्क्यू की तकनीकी को अपना रहे हैं। पीर पंजाल, अटल सुरंग, भंवर टोंक, सँगलदान जैसी बड़ी सुरंग निर्माण और लूज गिरने के बाद रेस्क्यू की जानकारी जुटाई जा रही है। इसी के अनुसार रेस्क्यू टीम श्रमिकों को बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हैं।
सीएम की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ला एंड ऑर्डर ए.पी.अंशुमन, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।