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हरीश रावत ने खुद को कहा खूसट बुड्ढा!

उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा को लेकर चल रही खींचतान के बीच रावत का एक बयान अब सुर्खियों में है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की ओर से उनकी यात्रा पर सवाल उठाए जाने के बाद रावत ने पलटवार करते हुए खुद को ही ‘खूसट बुड्ढा’ कह दिया। हल्द्वानी में जनसंवाद यात्रा के दौरान रावत ने कहा कि अगर कांग्रेस की ओर से कोई यात्रा निकाली जा रही होती तो वह खुद यात्रा नहीं निकालते। उन्होंने कहा कि जब कोई नहीं जा रहा है, तब यह ‘खूसट बुड्ढा’ यात्रा निकाल रहा है तो इससे परेशानी क्यों हो रही है।

कांग्रेस में हलचल

हरीश रावत की इस यात्रा को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर सवाल उठे हैं। पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने रावत से यात्रा को लेकर आपत्ति जताई थी। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी रावत को दिल्ली बुलाकर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के साथ समन्वय बनाकर काम करने का संदेश दिया है। रावत का कहना है कि उनकी यात्रा का मकसद कांग्रेस को कमजोर करना नहीं, बल्कि पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करना और जनता के बीच संवाद करना है।

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‘कांग्रेस की बदनामी का दाग धोने आया हूं’

रावत ने अपने बयान में कहा कि पहले सीबीआई उनके पीछे पड़ती थी और अब ईडी पीछे पड़ गई है। उन्होंने इसे कांग्रेस की बदनामी से जोड़ते हुए कहा कि वह इसी दाग को धोने के लिए जनता के बीच आए हैं। हाल के दिनों में रावत खुद से जुड़े राजनीतिक और कानूनी विवादों पर लगातार मुखर रहे हैं। सितंबर में उन्होंने कांग्रेस छोड़ने की खबरों का भी खंडन किया था और कहा था कि कांग्रेस पार्टी उनके ‘खून और हड्डियों’ में है।

2027 से पहले बयान ने बढ़ाई सियासी चर्चा

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हरीश रावत की सक्रियता और उनकी जनसंवाद यात्रा ने कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक समन्वय को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक तरफ रावत लगातार जनता और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं, वहीं पार्टी नेतृत्व सामूहिक कार्यक्रमों और संगठन के तय ढांचे के तहत चुनावी अभियान चलाने पर जोर दे रहा है। ऐसे में रावत का ‘खूसट बुड्ढा’ वाला बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में रावत और कांग्रेस नेतृत्व के बीच यह मतभेद किस दिशा में जाता है।

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