उत्तराखंड: दिनेश आर्य ने किया राज्यसभा के लिए नामांकन
देहरादून: उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए भाजपा प्रत्याशी दिनेश आर्य ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। विधानसभा परिसर स्थित निर्वाचन कार्यालय में उन्होंने नामांकन पत्र सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, समेत प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा के कई विधायक मौजूद रहे।
लंबे संगठनात्मक अनुभव के बाद मिला बड़ा मौका
भाजपा ने 4 अक्टूबर को दिनेश आर्य को उत्तराखंड से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया था। आर्य नैनीताल जिले से आते हैं और भाजपा में लंबे समय से संगठन के लिए काम करते रहे हैं। वह नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आर्य की उम्मीदवारी को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया है और खास तौर पर कुमाऊं क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका रही है।
नरेश बंसल वाली सीट पर होगा चुनाव
उत्तराखंड से वर्तमान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का छह साल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसी वजह से इस सीट पर चुनाव कराया जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है।
हालांकि नामांकन के अंतिम दिन तक कांग्रेस की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा गया है। ऐसे में दिनेश आर्य का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है, हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।
कुमाऊं को प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरण
दिनेश आर्य की उम्मीदवारी को भाजपा के संगठनात्मक और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में उत्तराखंड कोटे से राज्यसभा में भाजपा के नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट और कल्पना सैनी का प्रतिनिधित्व है, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि गढ़वाल क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे में करीब 12 साल बाद कुमाऊं क्षेत्र से भाजपा के किसी नेता को राज्यसभा भेजने का अवसर बन रहा है।
आर्य अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। उनकी उम्मीदवारी को भाजपा की सामाजिक प्रतिनिधित्व की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उनकी उम्मीदवारी को किसी एक राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर पेश नहीं किया है।
निर्विरोध निर्वाचन होना तय
नामांकन दाखिल होने के बाद अब सभी की नजर नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पर है। यदि मुकाबले में कोई अन्य प्रत्याशी नहीं रहता है तो दिनेश आर्य उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जाएंगे।
भाजपा के लिए यह नामांकन इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व बदलने के साथ ही पार्टी ने संगठन में लंबे समय से सक्रिय एक कार्यकर्ता को संसद के उच्च सदन में भेजने का निर्णय लिया है।








