उत्तराखण्ड

कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल का मानसिक रोग विभाग विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के चलते बंद

कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल का मानसिक रोग विभाग विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के चलते बंद हो गया है. विभाग में मरीजों को भर्ती करने के लिए बनाए गए 16 बेड के वार्ड को कोविड वार्ड बना दिया है. एसटीएच के मानसिक रोग विभाग में कुमाऊंभर से मरीज इलाज के लिए आते थे, रोजाना 70-80 मरीजों की ओपीडी होती थी.

लेकिन अब कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल का मानसिक रोग विभाग विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के चलते बंद हो गया है. अस्पताल में गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया जाता था. लेकिन अब मानसिक रोग विभाग बंद होने से यहां आने वाले मरीजों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है. अस्पताल के अंदर चर्चाएं ये भी है कि अंदरूनी राजनीति के चलते कई अच्छे डॉक्टर विभाग को छोड़कर जा चुके हैं, कुछ माह पहले विभाग के एचओडी डॉ. एचसी गोदियाल भी रिटायर हो चुके हैं.

विभाग में तैनात एकमात्र एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आजमी नाज व्यक्तिगत कारणों के चलते छुट्टी पर हैं. इसके चलते विभाग सूना पड़ा है. मानसिक रोग के मरीजों को अस्पताल में आकर वापस लौटना पड़ रहा है. विभाग में डॉक्टर नहीं होने से यहां मरीज नहीं भर्ती किए जा रहे थे. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने 16 बेड के वार्ड को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया है, वहां साफ सफाई के बाद वेंटिलेटर रख दिए गए हैं.

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है मानसिक रोग विभाग में तैनात एकमात्र डॉक्टर छुट्टी पर हैं. गंभीर मरीजों को मेडिसन विभाग के डॉक्टरों द्वारा इलाज मुहैया कराया जा रहा है. जल्द ही विभाग में कुछ डॉक्टरों के ज्वाइन करने की उम्मीद है, जिसके बाद मरीजों का आसानी से इलाज मिल सकेगा.

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