उत्तराखण्डबड़ी-खबरहल्द्वानी

कांग्रेस की नाव में सवार होकर मलाई खाने वाले नेता अब डूबता जहाज समझकर भाजपा की नाव में सवार

शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं ने भी कांग्रेस का दामन छोड़ दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेताओं यानी विजयपाल सजवाण और मालचंद को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई दी।

अब कांग्रेस नेता अनुकृति गुसाईं ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। माना जा रहा है जल्द ही अनुकृति गुसाईं भी भाजपा में शामिल हो जाएंगी। जिन्हें नहीं पता है उन्हें बता दें कि पिछले दिनों ही अनुकृति के ससुर जी यानी पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के पीछे देश की संवैधानिक संस्था ईडी पड़ी हुई थी। जमकर खबरें भी छपी थी। अब ईडी क्यों पीछे पड़ी थी और अखबारों और चैनलों में खबरें क्यों चल रही थी, ये तो आप जानते ही हैं।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि अनुकृति का कांग्रेस से ये इस्तीफा यूं हीं नहीं है। ससुर जी यानी हरक सिंह रावत पर ईडी सीबीआई के हमलों से सबक लिया गया एक बुद्धिमानी भरा कदम है जो कहीं न कहीं हरक सिंह रावत के काम ही आएगा। पिछले दिनों तक भर भर के बीजेपी को गरियाते थे, अब भाजपा की जय जयकार करेंगे। ऐसे में जनता को भी इन नेताओं से सीख लेने की जरूरत है।

कभी कांग्रेस की नाव में सवार होकर मलाई खाने वाले अब कांग्रेस को डूबता जहाज समझकर भाजपा की नाव में सवार हो रहे हैं। अब कांग्रेस डूबती नाव है या नहीं ये आप खुद तय कीजिए। बहरहाल, जिस समय पार्टी को अपने नेताओं की सबसे ज्यादा जरूरत है, उसी वक्त कांग्रेस से जुड़े तमाम नेता पार्टी को बीच राह में छोड़कर जा रहे हैं। बुरे वक्त में साया भी साथ छोड़ देता है, यह बात इन दिनों उत्तराखंड कांग्रेस के कट्टर, समर्पित और जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच आम है। जनता को भी अब समझ जाना चाहिए जो नेता एक पार्टी के न हुए वो क्या खाक आपके होंगे। इसलिए जब 19 अप्रैल को आप ईवीएम का बटन दबाएं तो विवेकशील होने का प्रमाण जरूर दें क्योंकि इसलिए ही आप चार पांव वाले जानवर से अलग हैं।

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