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हल्द्वानी: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त! 31 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी

नैनीताल: जिले में अभिभावकों से मनमानी वसूली और जबरन किताबें-ड्रेस खरीदवाने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रायल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल ने 31 निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी रामनगर, लालकुआं, सदर नैनीताल तथा कैचीधाम तहसीलदार द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया कि कई स्कूल अभिभावकों पर विशेष दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बना रहे थे, जिससे अभिभावकों का आर्थिक शोषण हो रहा था।

नोटिस पाने वाले प्रमुख स्कूलों के नाम:

जय मोहन पब्लिक स्कूल, रामनगर
गुड लक पब्लिक स्कूल, रामनगर
मार्डन पब्लिक स्कूल, रामनगर
डीएसबी पब्लिक स्कूल, रामनगर
सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल, रामनगर
ग्रीन फील्ड एकेडमी, रामनगर
ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल, रामनगर
ओक बर्ड पब्लिक स्कूल, रामनगर
गार्डन वैली पब्लिक स्कूल, रामनगर
शेमरोक प्री स्कूल, रामनगर
अल्फा मिशन पब्लिक स्कूल, रामनगर
मेहरा पब्लिक स्कूल, रामनगर
दीपक डिवाइन पब्लिक स्कूल, रामनगर
यूएसआर इंदु इंटर कॉलेज, बसई रामनगर
सेंट रूमी पब्लिक स्कूल, रामनगर
लिटिल स्कॉलर्स एकेडमी, रामनगर
सनराइज पब्लिक स्कूल, रामनगर
मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल, रामनगर
श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल, रामनगर
एनएल साह प्रोपर्टी लर्निंग स्कूल, भवाली
डी विटो स्कूल, भवाली
डीएसएस पाल पब्लिक स्कूल, श्यामखेत भवाली
महर्षि विद्या मंदिर, फरसौली
मल्लिकार्जुन स्कूल, भीमताल
वुड ब्रिज स्कूल, भीमताल
आयुष्मान कॉन्वेंट स्कूल, गरमपानी
स्कॉलर हेवन स्कूल, बिन्दुखत्ता
एफएस बिष्ट मेमोरियल स्कूल, लालकुआं
बीडी जोशी मेमोरियल स्कूल, लालकुआं
ग्रीन वुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लालकुआं
एचसीएम जूनियर हाईस्कूल, लालकुआं

प्रशासन के अनुसार, जांच में यह पाया गया कि कई निजी स्कूल नियमों के विपरीत जाकर अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य कर रहे थे। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म हो रही थी और अभिभावकों को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे थे।

प्रशासन का सख्त कदम:- जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट-खसोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्कूलों से निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता रद्द करने समेत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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