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गढ़वाल लोकसभा सीट से अनिल बलूनी आगे! बीजेपी का गढ़ है गढ़वाल

गढ़वाल लोकसभा लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी अनिल बलूनी आगे चल रहे हैं जबकि गणेश गोदियाल अभी पीछे चल रहे हैं, 19 अप्रैल को यहां कुल 52.42 प्रतिशत वोटिंग हुई। बीजेपी ने इस बार यहां से अपने मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर दांव लगाया है।

उत्तराखंड की गढ़वाल संसदीय सीट पर कुछ ही देर में पहला चुनावी रुझान सामने आएगा। इस लोकसभा क्षेत्र में 52 किले शामिल हैं। यह पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल बद्रीनाथ से शुरू होकर केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के पवित्र मंदिरों से होकर गुजरता है और अंत में तराई क्षेत्र में रामनगर और कोटद्वार तक पहुंचता है। हेमवती नंदन बहुगुणा जैसे दिग्गज नेताओं की वजह से यह सीट काफी मशहूर है। लेकिन, साल 1991 से भारतीय जनता पार्टी का इस सीट पर दबदबा रहा है।

पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट के अंतर्गत 14 विधानसभा सीटें आती हैं। ये 14 सीटें उत्तराखंड के पांच जिलों में फैली हुई हैं। चमोली, गढ़वाल, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल. इस लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों में बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग, थराली, राम नगर, चौबट्टाखाल, कोटद्वार, लैंस डाउन, पौड़ी, श्रीनगर, यमकेश्वर, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, देव प्रयाग और नरेंद्रनगर शामिल हैं।

2014 के लोकसभा चुनाव में पौड़ी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र में कुल 12,69,083 मतदाता थे. पिछले आम चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र में 6,52,891 पुरुष मतदाता और 6,16,192 महिला मतदाता थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या बढ़कर लगभग 14 लाख हो गई थी। पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, डॉ. हरक सिंह रावत, टीपीएस रावत, तीरथ सिंह रावत, मनीष खंडूरी और सतपाल महाराज जैसे द‍िग्‍गज चुनाव लड़ चुके हैं।

बीजेपी का गढ़ है गढ़वाल

गढ़वाल को बीजेपी का गढ़ कहा जाता है। यहां हुए पिछले 2 चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की है. यहां अब तक हुए 19 चुनाव (उपचुनाव समेत) में बीजेपी ने 7 बार जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस को 8 बार जीत मिली है। 1991 के बाद हुए चुनाव में एक बार कांग्रेस और एक बार कांग्रेस (टी) को छोड़कर सभी चुनावों में बीजेपी ने जीत दर्ज की है।

2019 चुनाव के नतीजे

2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत 5,06,980 वोट पाकर विजयी हुए थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूरी को 2,04,311 वोट मिले थे और कुल 12,276 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था।

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