हल्द्वानी के इस इंटर कॉलेज का शानदार रहा इतिहास, देश को दिए कई अफसर और नेता

हल्द्वानी में एक ऐसा स्कूल है जिसकी स्थापना का उद्देश्य जितना खास रहा उतना ही खास इस स्कूल का अब तक का इतिहास भी है। जी हां, हम बात कर रहे हैं 1938 में स्थापित एचएन इंटर कॉलेज की। इस स्कूल ने देश को एक से बढ़कर एक डॉक्टर, आईएफएस, आईएएस, जज तो दिए ही साथ में समाज की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षक और नेता भी दिए।
स्कूलों को शिक्षा के मंदिर की संज्ञा ऐसे ही नहीं दी गई है। भले ही घर को जिंदगी की पहली सीढ़ी माना जाता है मगर इस सीढ़ी पर चढ़कर मुकाम पाने में स्कूल ही काम आता है। छात्र जीवन की शिक्षा ही कामयाबी के शिखर तक पहुंचाती है।
प्रिंसिपल भगवान सिंह सामंत ने क्या कुछ बताया
स्कूल के प्रिंसिपल भगवान सिंह सामंत बताते हैं कि हमारे स्कूल में अभी इंग्लिश मीडियम और हिंदी मीडियम दोनों की पढ़ाई एचएम इंटर कॉलेज में की जाती है और छात्र भी यहां मन लगाकर पढ़ाई क्या करते हैं। हमारे स्कूल का शानदार इतिहास रहा यहां से बड़े-बड़े जज, आईएएस अफसर और कई बड़े नेता भी इसी स्कूल से पढ़े हैं। हमारी कोशिश रहती है कि हम छात्रों को अच्छी शिक्षा दें पाए, जिससे आगे चलते वह हर एक मुकाम हासिल कर पाए। साथ ही अपने बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल में हाईटेक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया है। जहां छात्र बैठकर अपनी पढ़ाई करते हैं।
इन्होंने भी पाई कामयाबी
प्रकाश चंद्र – सिविज जज, शिशिर कोठारी – आईपीएस, संतोष शर्मा – आईएफएस, मुकेश मेहता – ओलंपिक एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष
एचएन इंटर कालेज से सेवानिवृत्त हुए शिक्षक बिपिन चंद्र पांडे बताते हैं कि स्कूल में पढ़ाई का माहौल जैसा आज से 40-50 साल पहले था आज भी वैसा ही है। बताया कि नामी डाक्टर डा. कैलाश शर्मा, डा. अरुण कपूर, डा. अनिल अग्रवाल, डा. अजय पाल, डा. संतोष कर्नाटक, डा. हरप्रीत सिंह, डा. हरदेव सिंह, डा. हरगोविंद पाठक, डा. अवनीश, डा. आशीष ने भी इसी स्कूल से पढ़ाई की है।
एचएन स्कूल ने समाज सेवा के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। यहां अलग-अलग समय में पढ़कर निकले सात छात्र नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के दूसरे बोर्ड में पार्षद चुने गए। जिनमें प्रमोद तोलिया, नीरज बगड्वाल, तन्मय रावत, मुकेश बिष्ट, हेमंत शर्मा आदि शामिल रहे।





