एक डांट… और हमेशा के लिए बुझ गया घर का चिराग! डांट से नाराज छात्र ने गौला में लगाई छलांग, दूसरे दिन मिला शव..

एक डांट… और हमेशा के लिए बुझ गया घर का चिराग।
मां की डांट से नाराज छात्र ने गौला में लगाई छलांग, दूसरे दिन मिला शव।
हल्द्वानी। जिस घर में रविवार तक बेटे की हंसी गूंजती थी, वहां सोमवार सुबह सिर्फ सिसकियां थीं। माता-पिता ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि पलभर की नाराजगी उनके इकलौते बेटे को उनसे हमेशा के लिए दूर कर देगी। गौला नदी से सोमवार सुबह 17 वर्षीय छात्र प्रियांशु बिष्ट का शव बरामद होने के बाद मोतीनगर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रविवार शाम सूचना मिली कि एक किशोर ने गौला पुल से नदी में छलांग लगा दी है। सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर रात तक नदी में तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह दोबारा शुरू हुए सर्च अभियान में किशोर का शव बरामद कर लिया गया।
मृतक की पहचान मोतीनगर, हाथीखाल निवासी 12वीं के छात्र प्रियांशु बिष्ट के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार प्रियांशु पढ़ाई करने वाला, शांत स्वभाव का और माता-पिता का सम्मान करने वाला बच्चा था। परिवार का इकलौता बेटा होने के कारण उससे अनेक उम्मीदें जुड़ी थीं। बताया जा रहा है कि मोबाइल गेम खेलने को लेकर मां ने उसे डांटा था। इसके बाद वह घर से निकल गया और फिर वापस नहीं लौट सका।
ग्राम प्रधान विपिन जोशी ने बताया कि प्रियांशु के पिता एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त हैं और परिवार में उसकी एक छोटी बहन है। बेटे के निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और हर जुबान पर यही सवाल था कि काश, यह एक पल का गुस्सा इतनी बड़ी त्रासदी में न बदलता।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि किशोरावस्था भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील समय होता है। ऐसे समय में परिवार और बच्चों के बीच खुला संवाद, धैर्य और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना बेहद जरूरी है। छोटी-सी नाराजगी या आवेश जीवनभर का दर्द बन सकता है।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मामले की जांच जारी है।






